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छत्तीसगढ़ में बनेगा राष्ट्रीय स्तर का सिकलसेल रिसर्च सेंटर - स्वास्थ्य विभाग के सचिव प्रसन्ना आर

Sickle Cell Research Center in chhattisgarh मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में जल्द ही राष्ट्रीय स्तर के सिकलसेल रिसर्च सेंटर बनाने की घोषणा की. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में बनाये गए नये सिकल सेल प्रबंधन केंद्रों का उद्घाटन किया.

Announced to set up Sickle Cell Research Center
सिकलसेल रिसर्च सेंटर बनाने की घोषणा की

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Published : Oct 30, 2022, 10:50 PM IST

रायपुर: छत्तीसगढ़ में जल्द ही राष्ट्रीय स्तर के सिकलसेल रिसर्च सेंटर बनाई जाएगी. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में इसकी घोषणा की. सीएम ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में बनाये गए नये सिकल सेल प्रबंधन केंद्रों का उद्घाटन किया. स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव भी कार्यक्रम में उपस्थित थे. इस वर्चुअल कार्यक्रम में सभी मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये जुड़े हुए थे. Sickle Cell Research Center in chhattisgarh

नये सिकल सेल प्रबंधन केंद्रों का किया उद्घाटन: नये सिकल सेल प्रबंधन केंद्रों का उद्घाटन के साथ ही प्रदेश के 24 जिला अस्पतालों, नौ मेडिकल कॉलेजों तथा राजधानी रायपुर स्थित सिकलसेल संस्थान छत्तीसगढ़ में सिकलसेल की निःशुल्क जांच, उपचार और परामर्श की सुविधा उपलब्ध हो गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि "सिकलसेल एक गंभीर अनुवांशिक बीमारी है. इस रोग से भावी पीढ़ियों को बचाने के लिए इस रोग के प्रति जागरूकता सबसे ज्यादा आवश्यक है." National level Sickle Cell Research Center

सीएम ने वर्चुअल कार्यक्रम में सिकलसेल रिसर्च सेंटर बनाने घोषणा की

रोग को छुपाना नहीं, इसका इलाज कराना चाहिए:सीएम बघेल ने कहा कि "सिकलसेल के मरीजों की जल्द पहचान करने के बाद उचित चिकित्सकीय प्रबंधन व दवाओं से इसके शारीरिक दुष्प्रभावों को कम किया जा सकता है. ऐसा करके रोगी लम्बी आयु का जीवन जी सकते हैं. इसके लिए आवश्यक है कि रोगियों को उचित उपचार सरलता से उपलब्ध हो. सिकलसेल के अनुवांशिक गुण वाले व्यक्तियों की पहचान विवाह से पहले ही कर लेना चाहिए. ताकि उन्हें आवश्यक परामर्श देकर इस रोग के प्रसार को भावी पीढ़ी में पहुंचने से रोका जा सके." उन्होंने कहा कि "इस रोग को छुपाना नहीं चाहिए. पहचान होने पर इसका अस्पताल में इलाज कराना चाहिए."

सिकलसेल केंद्रों में मिलेगी जांच एवं उपचार की सुविधा:मुख्यमंत्री ने कहा कि "सिकलसेल केंद्रों में सिकलसेल की जांच एवं उपचार की सुविधा मिलेगी. साथ ही अस्पताल की प्रयोगशाला के जरिये साल्युबिटी टेस्ट द्वारा स्क्रीनिंग एवं इलेक्ट्रोफोरेसिस तथा नवीन विधि पॉइंट ऑफ केयर टेस्ट द्वारा पुष्टि हेतु जांच उपलब्ध कराई जाएगी." उन्होंने उम्मीद जतायी कि मेडिकल कॉलेजों एवं जिला अस्पतालों में संचालित सिकलसेल प्रबंधन केंद्रों का लाभ प्रदेश के सिकलसेल रोगियों को मिलेगा.

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राष्ट्रीय स्तर के रिसर्च सेंटर के लिए प्रयास जारी: स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि "सिकलसेल के मरीजों को बेहतर उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ कार्य कर रहे हैं. राष्ट्रीय स्तर के रिसर्च सेंटर की स्थापना के लिए प्रयास किए जा रहे हैं. इसका जल्द ही शिलान्यास भी किया जायेगा." उन्होंने कहा कि "सिकलसेल प्रबंधन केन्द्रों में निःशुल्क जांच, उपचार और परामर्श सुविधा से पीड़ितों को बड़ी राहत मिलेगी"

संस्थान को पास होगा सभी मरीजों का रिकॉर्ड: स्वास्थ्य विभाग के सचिव प्रसन्ना आर ने कार्यक्रम में सिकलसेल प्रबंधन केन्द्रों की व्यवस्था की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि "अब तक किए गए सर्वे में प्रदेश की दस प्रतिशत आबादी में सिकलसेल वाहक पायो गये हैं और 01 प्रतिशत रोगी पाए गए हैं. सिकलसेल प्रबंधन केन्द्रों में विशेष रूप से उपचार प्राप्त कर रहे प्रत्येक सिकलसेल रोगी की इलेक्ट्रानिक एण्ट्री सिकलसेल संस्थान के पोर्टल में कर सूची संधारित की जाएगी एवं उन्हें नियमित फॉलो-अप एवं दवा लेने हेतु संपर्क किया जाएगा.

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