जगदलपुर:राज्य सरकार की ओर से धान खरीदी का मूल्य बढ़ाए जाने के बाद धान खरीदी में और गड़बड़ी होने लगी है. बस्तर संभाग में करीब 11 हजार क्विंटल धान का शॉर्टेज पाया गया है. इसका मतलब साफ है कि फर्जी तरीके से समितियों की ओर से करीब 11 हजार क्विंटल धान खरीद लिया गया, जिसके आंकड़े अब मिल नहीं रहे हैं. अब विभाग के अधिकारियों को आंकड़ों का मिलान करने के लिए मत्थापची करनी पड़ रही है.
सरकारी धान खरीदी में मिलर्स, धान खरीदी प्रभारी, सरकारी दफ्तर और सीएमओ कार्यालय तक इसके तार अक्सर जुड़े पाए गए हैं. पूरे बस्तर संभाग के 7 जिलों में 11 हजार क्विंटल से ज्यादा के धान का हिसाब नहीं मिल रहा है. इस शॉर्टेज का मतलब है कि इतनी मात्रा का धान अवैध रुप से खरीदा गया है. इसके अलावा कोचियों से खरीदा गया धान तो बिल्कुल अलग है, जो कि आंकड़ों के मिलान में पकड़ ही नहीं आ रहा है.