धमतरी: जिले के कुरूद सिविल अस्पताल में लाखों रुपये की लगात से खरीदी गई सोनोग्राफी मशीन की हालत बद से बदतर है. खराब पड़ी इस मशीन की सुध लेने वाला कोई नहीं है. ऐसे में गर्भवती महिलाओं को काफी परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है. जांच के लिए निजी सोनोग्राफी सेंटर का सहारा लेना पड़ रहा है. साथ ही इसके लिए ज्यादा रकम भी चुकानी पड़ रही है. इससे लोगों में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है.
सोनोग्राफी मशीन पर राजनीति बवाल बता दें, पूर्व में स्वास्थ्य मंत्री रहे अजय चंद्राकर के प्रयास से इस अस्पताल को सोनोग्राफी मशीन की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी. वहीं देखरेख के अभाव और विभागीय अमला की उदासीनता के कारण सोनोग्राफी मशीन महज 6 महीने में ही खराब हो गई.
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गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए लगी थी मशीन
मितानीनों का कहना है कि गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए निजी सोनोग्राफी सेंटर में भेज दिया जाता है. ऐसे में गर्भवती महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. न चाहते हुए भी ज्यादा रकम चुकानी पड़ती है. ऐसे में मशीन को ठीक कराने के बजाए अब राजनीति शुरू हो गई है. कांग्रेस की दिग्गज नेता नीलम चंद्राकर का कहना है कि पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक अजय चंद्राकर मतदाताओं को लुभाने के लिए सिविल अस्पताल कुरूद में चाइना के घटिया किस्म का सोनोग्राफी मशीन लगवा दिए, जो सालभर भी नहीं चल पाया. साथ ही सोनोग्राफी मशीन खरीदी में भष्ट्राचार करने का आरोप भी लगाया है.
'अजय चंद्राकर ने किया क्षेत्र का विकास'
इधर, भाजपा नेता भानू चंद्राकर का कहना है कि भाजपा शासनकाल में मंत्री रहे अजय चंद्राकर ने कुरूद के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ा है. उन्होंने कांग्रेस के सारे आरोपों को निराधार बताया है. फिलहाल सोनोग्राफी मशीन को जल्द सुधरवाने और इसके लिए प्रपोजल भेजने की बात कही जा रही है.