बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में कोरोना पिछले साल से भी ज्यादा भयानक हो गया है. अनलॉक में बेकाबू हुई स्थिति काबू में नहीं आ पा रही है. प्रदेश के कुछ जिलों में हालत सबसे ज्यादा खराब है. इन जिलों में बिलासपुर का नाम भी शामिल है. ETV भारत ने बिलासपुर में कोरोना टेस्ट और वैक्सीनेशन के आंकड़े खंगाले हैं. जिले में तेजी से कोरोना टेस्ट हो रहे हैं. बिलासपुर इसमें काफी आगे चल रहा है. लेकिन वैक्सीनेशन की रेस में बिलासपुर पिछड़ रहा है. इसे लेकर हमने कोविड नोडल ऑफिसर से भी बात की है.
क्यों धीमी है वैक्सीनेशन की रफ्तार
कोविड नोडल ऑफिसर डॉ अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि कोरोना वैक्सीन का लक्ष्य पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है. लेकिन वैक्सीन खत्म होने की वजह से वैक्सीनेशन की प्रक्रिया धीमी पड़ रही है. वैक्सीन की सप्लाई नहीं होने के कारण भी जिला लक्ष्य तक नहीं पहुंच पा रहा है. उनका कहना है कि जैसे ही वैक्सीन के डोज बिलासपुर पहुंचेंगे प्रक्रिया को तेज कर दिया जाएगा.
बिलासपुर: एक दिन में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 500 के पार
1 अप्रैल से 45 वर्ष से ऊपर के लोगों को टीका लगाने की शुरुआत कर दी गई है. इस दौरान रोज 22 हजार लोगों को कोरोना का टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है. लेकिन विभाग लक्ष्य नहीं पहुंच पा रहा है. 3 अप्रैल को विभाग ने टीकाकरण कार्यक्रम में तेजी लाने की कोशिश की है. 3 अप्रैल को 21 हजार 903 कोरोना वैक्सीन के डोज लगाए जा सके थे. इस दौरान 160 केंद्रों के माध्यम से कार्यक्रम को पूरा किया गया है. 5 दिनों में 80 हजार लोगों को टीका लगाया गया है. जो लक्ष्य 22 हजार के लक्ष्य से कम है.
कोरोना टेस्ट में लक्ष्य से आगे बिलासपुर
बिलासपुर जिले में बीते 6 दिनों में लगातार कोरोना संक्रमण के मामलों में तेज़ी देखी गई है. कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं उसी रफ्तार से टेस्ट के आंकड़े भी बढ़ रहे हैं. जिला कोरोना टेस्टिंग को लेकर रिकॉर्ड बना रहा है. बिलासपुर जिले के शहरी क्षेत्र में 20 और ग्रामीण क्षेत्रों में 59 स्थानों पर कोरोना टेस्ट चल रहा है. टेस्ट कराने आये संदिग्ध मरीजों को अधिकतम 20 मिनट में एंटीजन टेस्ट की सुविधा मिल रही है. टेस्ट के दौरान संदिग्ध मरीजों से उनका आधार कार्ड और मोबाइल नंबर लिया जा रहा है. टेस्ट की रफ्तार 100 फीसदी से भी अधिक है. जिले में रोज 2260 कोविड टेस्ट का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन 3000 से अधिक टेस्ट रोज हो रहे हैं.