सरगुजा:सरगुजा में फिल्म पुष्पा के तर्ज पर लकड़ी तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं. यहां लाल चंदन की लकड़ी तो नहीं लेकिन आम इमारती लकड़ियों की तस्करी करते हैं. सरगुजा में वन विभाग ने एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ा है. ट्रैक्टर में नीचे लकड़ी रखकर ऊपर से रेत भर दी गई थी. जांच करने वाले टीम को सिर्फ रेत ही दिखाई दिया और आराम से लकड़ी की तस्करी हो सके. जैसे फिल्म पुष्पा में दूध के टैंकर में नीचे लकड़ी और दूध भरकर तस्करी का तरीका दिखाया गया है. कुछ उसी अंदाज में सरगुजा में लकड़ी की तस्करी हो रही थी. लेकिन वन विभाग ने इन्हें पकड़ लिया.
side effects of film pushpa: सरगुजा में फिल्म 'पुष्पा' स्टाइल में लकड़ी की तस्करी, ऐसे हुआ खुलासा - एसडीओ बिजेन्द्र सिंह
एसडीओ बिजेन्द्र सिंह और परिक्षेत्र सहायक डांड़गांव दुर्गेश सिंह के नेतृत्व में ट्रैक्टर को घेराबंदी कर रोका और चेक किया तो सब दंग रह गए. ट्रैक्टर में बालू के नीचे चिरान लोड था. जिसकी बाजार में कीमत लगभग 50 हजार रुपये बताई जा रही है.
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सरगुजा में टैक्टर ट्रॉली जब्त
जानकारी के मुताबिक, वन परिक्षेत्र उदयपुर के ग्राम परसा में शुक्रवार को घेरा बन्दी कर ट्रैक्टर ट्रॉली को पकड़ा गया है. जिसमें बालू के नीचे 30 पीस चिरान रखकर लकड़ी की तस्करी की जा रही थी. ट्रैक्टर में शुक्रवार को तस्करों ने पहले साल्ही नाला से रेत भरकर ट्रैक्टर को हरिहरपुर ले गये. जंगल में बालू खाली करके 30 चिरान भरा गया. लकड़ी के ऊपर बालू डाला गया और ग्राम परसा की ओर रवाना हुआ. इसी दौरान किसी ने वन अमले को इसकी सूचना दी.
वन अधिनियम की तहत कार्रवाई
एसडीओ बिजेन्द्र सिंह और परिक्षेत्र सहायक डांड़गांव दुर्गेश सिंह के नेतृत्व में ट्रैक्टर को घेराबन्दी कर रोका और चेक किया तो सब दंग रह गए. ट्रैक्टर में बालू के नीचे चिरान लोड था. जिसकी बाजार में कीमत लगभग 50 हजार रुपये बताई जा रही है. ट्रैक्टर को वन परिक्षेत्र कार्यालय उदयपुर लाया गया. वन अमले की उक्त कार्रवाई से लकड़ी तस्करों में हड़कंप मचा हुआ. उक्त मामले में वन विभाग द्वारा वन अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई जारी है.