रायपुर:देश के अलग-अलग राज्यों में सांप्रदायिक हिंसा की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए रायपुर पुलिस भी अलर्ट मोड़ पर है. पुलिस की खुफिया विभाग एक ओर जहां सड़कों पर नजर जमाई हुई है तो सोशल मीडिया पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की निगाहें हैं. सोशल मीडिया में संदिग्ध पोस्ट दिखने पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की टीम तत्काल कार्रवाई कर रही है. इसके लिए निगरानी सेल गठित की गई है. इसी महीने में एसीसीयू ने 8 पोस्ट डिलीट किए हैं तो 13 लोगों का अकाउंट ब्लॉक किया है. (raipur police alert regarding suspicious post )
एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट किसी भी आपत्तिजनक मैसेज या कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाली सामग्री प्रसारित होने पर तत्काल कार्रवाई कर रही है. इंटरनेट मीडिया के अलग-अलग ग्रुपों में भी पुलिस के मुखबिर सक्रिय हो गए हैं, जो ऐसे मैसेज पर नजर रख रहे हैं. अफसरों की माने तो व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम में ज्यादातर लोग सक्रिय रहते हैं. इसलिए इन प्लेटफार्म का इस्तेमाल ज्यादा होता है. जिसके लिए पुलिस ने निगरानी सेल को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है.
ऐसे हो रहा काम:सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए तैयार की गई टीम रायपुर के उन तमाम पोस्ट और फोटो पर नजर रख रही है. इसके लिए साइबर सेल के कंट्रोल रूम में निगरानी का सेटअप तैयार किया गया है. रायपुर के लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट्स से जारी होने वाले मैसेज और तस्वीरों की निगरानी की जा रही है. पुलिस इस बात का भी ख्याल रख रही है कि कोई भी पोस्ट भड़काऊ ना हो. किसी मैसेंजर तस्वीर से शहर की कानून व्यवस्था का माहौल बिगड़ने पर भेजने वाला कार्रवाई के दायरे में आएगा.
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इस तरह की ना करें पोस्ट: एसीसीयू के अधिकारियों के मुताबिक किसी भी जाति विशेष, धार्मिक भावनाओं से जुड़ी हुई कोई भी ऐसी पोस्ट ना करें. जिससे दूसरे की आस्था को ठेस पहुंचे. यदि कोई परिचित पोस्ट करता है तो उस पर बिना सोचे समझे कमेंट ना करें. पोस्ट डालने वाले और भड़काऊ कमेंट करने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करेगी. जेल भी जाना पड़ सकता है.