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विधानसभा में मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने अपने विभाग के लिए आवंटित राशि का रखा लेखा-जोखा - School Education Minister Premasai Singh Tekam

सोमवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने आदिम जाति और अनुसूचित जाति, स्कूल शिक्षा और सहकारिता विभाग से संबंधित कार्यों के लिए बजट में आवंटित राशि का लेखा-जोखा रखा. बजट में आईटेक स्कूलों पर विशेष फोकस किया गया है.

Minister Premsai Singh Tekam keep a record of  amount allocated for his department in assembly
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Published : Mar 8, 2021, 10:37 PM IST

Updated : Mar 8, 2021, 10:44 PM IST

रायपुर:छत्तीसगढ़ विधानसभा में आदिम जाति और अनुसूचित जाति, स्कूल शिक्षा और सहकारिता विभाग से संबंधित कार्यों के लिए मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने 39025 करोड़ 45 लाख 11 हजार रुपए की अनुदान मांगों को पारित किया. इसमें आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विभाग से संबंधित 33604 करोड़ 43 लाख 46 हजार, स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित 5177 करोड़ 14 लाख 73 हजार और सहकारिता विभाग से संबंधित 243 करोड़ 86 लाख 92 हजार रुपए की अनुदान मांगें शामिल है.

नया रायपुर में आदिवासी संग्रहालय का प्रावधान

आदिम जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 में नवीन मद के रूप में नवनिर्मित आदिवासी संग्रहालय नवा रायपुर अटल नगर में 15 गैलरियों में राज्य की पिछड़ी जनजातियों की विशिष्ट संस्कृति से संबंधित शिल्पकृति के प्रदर्शन के लिए एक करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. नवनिर्मित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान नवा रायपुर के प्रशासकीय भवन की आंतरिक साज-सज्जा के लिए 50 लाख रुपये का प्रावधान है. स्वतंत्रता संग्राम में अनुसूचित जाति की गौरवगाथा को परिचित कराने के लिए नवा रायपुर में शहीद वीरनारायण सिंह स्मारक एवं संग्रहालय निर्माण के लिए 2568 लाख रुपये प्रस्तावित किया गया है. वित्तीय वर्ष में नवीन मद के रूप में 5 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है.

तेलघानी विकास बोर्ड का प्रावधान

सरकार द्वारा चर्म शिल्प का काम करने वाली जातियों के आर्थिक उत्थान को ध्यान में रखते हुए चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड का गठन प्रस्तावित है. चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड की स्थापना के लिए बजट में 10 लाख रुपये का प्रावधान रखा गया है. इसी प्रकार प्रदेश में पारंपरिक रूप से तेल की पेराई करने वाले समुदायों की व्यवसायिक दक्षता का विकास कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और उनकी सामाजिक समस्याओं और शिकायतों को दूर करने के लिए पहली बार राज्य में तेलघानी विकास बोर्ड का गठन का प्रावधान बजट में किया गया है. इसके लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 में 10 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा रजककार विकास बोर्ड के गठन के लिए 10 लाख रुपये, लौह शिल्पकार विकास बोर्ड के लिए भी 10 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है.

हाईटेक स्कूलों के लिए फोकस

  • स्कूल शिक्षा विभाग के लिए प्रस्तुत बजट में मध्याह्न भोजन कार्यक्रम के लिए 643 करोड़ 37 लाख 55 हजार रुपये
  • मुख्यमंत्री अमृत योजना (सोयामिल्क अतिरिक्त पोषण आहार) के लिए 5 करोड़ 71 लाख रुपये
  • प्राथमिक शाला में टाटपट्टी एवं अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में फर्नीचर के लिए 4 करोड़ 93 लाख रुपये
  • शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विज्ञान सामग्री में 13 करोड़ 75 लाख रुपये
  • अशासकीय अनुदान प्राप्त शालाओं के लिए 288 करोड़ 41 लाख रुपये
  • प्राथमिक शाला एवं पूर्व माध्यमिक शाला में इमारतों के अनुरक्षण एवं मरम्मत सुविधाओं के लिए 60 करोड़ 15 लाख रुपये
  • छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड के लिए 3 करोड़ रुपये
  • मॉडल शाला योजना के लिए 30 करोड़ 76 लाख रुपये
  • सैनिक स्कूल के लिए 3 करोड़ 80 लाख रुपये
  • सैनिक स्कूल में बालिकाओं के प्रवेश के लिए आवश्यक अधोसंरचना निर्माण कार्य के लिए 2 करोड़ 48 लाख 50 हजार रुपये
  • पुस्तकालय योजना के लिए एक करोड़ 54 लाख रुपये
  • स्काउट गतिविधियों के लिए एक करोड़ रुपये अनुदान
  • एकीकृत अम्ब्रेला योजना के लिए 53 करोड़ 10 हजार रुपये
  • राज्य साक्षरता कार्यक्रम के लिए 3 करोड़ 3 लाख रुपये
  • राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के लिए 49 करोड़ 5 लाख 80 हजार रुपये
  • समग्र शिक्षा अभियान के लिए 1480 करोड़ रुपये
  • अशासकीय विद्यालयों को शिक्षण शुल्क की प्रतिपूर्ति के लिए 87 करोड़ 18 लाख 56 हजार रुपये
  • युवा कैरियर निर्माण योजना के लिए 53 लाख रुपये
  • विद्यार्थी दुर्घटना बीमा योजना के लिए 4.50 करोड़ रुपये
  • स्कूलों में फर्नीचर के लिए 64 करोड़ 32 लाख रुपये
  • स्वच्छता सामग्री के लिए 10 करोड़ 32 लाख 20 हजार रुपये
  • ई-लर्निंग केन्द्र के लिए 5 करोड़ रुपये
  • खेलकूद गतिविधियों के लिए 11 करोड़ रुपये
  • एनसीसी के लिए 26 करोड़ 24 लाख रुपये
  • संस्कृत विद्यामण्डलम के लिए 3 करोड़ 58 लाख 30 हजार रुपये
  • पंजीकृत मदरसो के लिए 4 करोड़ 50 लाख रुपये
  • शिक्षा आयोग के लिए 25 लाख 10 हजार रुपये
  • निःशुल्क गणवेश के लिए 76 करोड़ 47 लाख रुपये
  • शिक्षक पंचायत के लिए अनुदान 22 करोड़ रुपये
  • सरस्वती साइकिल योजना के लिए 64 करोड़ 60 लाख रुपये
  • निःशुल्क पाठ्य पुस्तक के लिए 108 करोड़ 68 लाख रुपये
  • आश्रम शालाओं के लिए 74 करोड़ 35 लाख 40 हजार रुपये
  • विशेष पिछड़ी जनजाति आश्रम के लिए 24 लाख 45 हजार रुपये
  • कन्या शिक्षा प्रोत्साहन के लिए 6 करोड़ रुपये
  • राज्य छात्रवृत्ति के लिए 165 करोड़ रुपये
  • मुख्यमंत्री ज्ञान प्रोत्साहन के लिए 1 करोड़ 50 लाख रुपये
  • छात्रवृत्ति के लिए 6 करोड़ रुपये
  • अस्वच्छता धंधा छात्रवृत्ति के लिए 3 करोड़ रुपये
  • पढ़ना लिखना अभियान के लिए 5 करोड़ 85 लाख रुपये
  • कन्या शिक्षा परिसर के लिए 15 करोड़ 10 लाख 75 हजार रुपये
  • गुरुकुल विद्यालय के लिए 3 करोड़ 1 लाख 80 हजार रुपये
  • शिक्षक पुरस्कार के लिए 86 लाख 83 हजार रुपये
  • विज्ञान केन्द्र भवन निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये
  • शालाओं के अतिरिक्त आवश्यक कार्य के लिए 21 करोड़ 88 लाख रुपये का प्रावधान

सहकारी सोसायटियों में अल्पकालीन ऋण के लिए लक्ष्य

सहकारिता विभाग के लिए प्रस्तुत बजट में प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसायटियों के पुनर्गठन के लिए नवीन मद में 3.63 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है. वर्ष 2021-22 के लिए अल्पकालीन कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य 5900 करोड़ रुपये रखा गया है. प्रदेश की सहकारी शक्कर कारखाना कवर्धा, पंडरिया, बालोद और अंबिकापुर में पीपीपी मॉडल से एथेनॉल प्लांट स्थापित करने का फैसला लिया गया है. सहकारी शक्कर कारखाना अंबिकापुर में 20 के एलपीडी क्षमता का एथेनॉल प्लांट स्थापित करना प्रस्तावित है. कोंडागांव में 300 मीट्रिक टन क्षमता के मक्का प्रसंस्करण इकाई की स्थापना 136.62 करोड़ रुपये से की जा रही है. इसके लिए वर्ष 2021-22 के बजट से राज्य शासन की अंशपूजी के रूप में 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. छत्तीसगढ़ सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक तथा 12 जिला सहकारी बैंक और ग्रामीण विकास बैंकों का संविलियन भारतीय रिजर्व बैंक की अनुमति से छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक एवं 6 जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों में किया गया है. इसके लिए वर्ष 2021-22 के बजट अनुमान में 27 करोड़ 01 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है. प्रदेश में पंजीकृत सभी 2058 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति के कम्प्यूटरीकरण के लिए बजट में 10 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है.

Last Updated : Mar 8, 2021, 10:44 PM IST

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