राष्ट्रीय कवि रविंद्र नाथ टैगोर का भागलपुर से रहा है गहरा संबंध
प्राकृति की सतरंगी छटा को भी मानवीय संवेदना का स्वर देकर अन्यतम का काव्य की रचना करने वाले विश्व विख्यात कवि गुरु रवींद्रनाथ टैगोर का भागलपुर से आत्मीय संबंध रहा था. यही कारण है कि उन्हें जब जब याद किए हुए यहां पधारे है. इतिहास के जानकार के अनुसार रविंद्र नाथ टैगोर भागलपुर दो बार आए थे. पहली बार 1910 और दूसरी बार 1912 में राष्ट्रीय कवि रविंद्र नाथ टैगोर की शुक्रवार को देश 158 जयंती मनाई.