समस्तीपुर: जिले में वाहन चालक यातायात नियमों को ताक पर रखकर यात्रियों को ढोते हैं. जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सवारी वाहनों की स्थिति एक जैसी है. वाहनों की संख्या पहले से काफी बढ़ी है, बावजूद चालक क्षमता से अधिक सवारी लोड करने के बाद ही अगले स्टॉप के चलते हैं. चाहे यात्री वाहन से जुड़े बस, मिनी बस, पिकअप, ऑटो, ई रिक्शा हो या फिर स्कूली बस. सभी में क्षमता से अधिक यात्रियों को बिठाया जाता है. वहीं, शहर में ई-रिक्शा कुछ ही महीनों में सुविधा के नाम पर एक बड़ी समस्या बन गया है.
समय समय पर होती है कार्रवाई
शहर के लगभग सभी जगहों पर ई-रिक्शा बड़ी आबादी के यातायात का जरिया बन गया है. यहीं, वजह है कि यह किसी भी चौक चौराहे से लेकर मुख्य सड़कों पर गलत तरीके से खड़े नजर आते हैं. इस मामले पर जिले के वरीय परिवहन अधिकारी ने कहा की ई-रिक्शा सरकार के नियमों के अनुरूप चल रहे हैं. रजिस्ट्रेशन से लेकर चालकों से संबंधित सभी कानून इनपर भी गंभीरता से लागू हैं. अगर यह नियमों की अनदेखी करते हैं तो इनके ऊपर समय-समय पर कार्रवाई भी होती है.