रोहतास: जिले के डालमियानगर में चल रहे चार दिवसीय अखिल भारतीय हिंदी लघु नाट्य प्रतियोगिता का आज आखिरी दिन है. इस प्रतियोगिता में कई राज्यों से आए कलाकारों ने शहर में रंग यात्रा निकाली. रंग यात्रा में कलाकारों की प्रस्तुति ने लोगों की जमकर तालियां बटोरी.
हिंदी लघु नाट्य प्रतियोगिता के आखिरी दिन कलाकारों ने सड़क पर उतर कर भारतीय संस्कृति की अनेकता में एकता वाली संस्कृति को जीवंत कर दिखाया. जीवन का हर रंग दिखाने की कोशिश कलाकारों ने बखूबी की.
एसिड अटैक पीड़िता की प्रस्तुति की गई मनुष्य के जीवन के आवश्यक तत्व को दर्शाया
यूपी के शाहजहांपुर की फ्रीडम आर्ट्स अकैडमी की टीम ने पर्यावरण को लेकर पेड़ काटने का दुख व्यक्त करने के लिए बोरे का ड्रेस पहन रखा था. रंग यात्रा में धर्म, संस्कृति, हर्ष विषाद, दुखद, मार्मिक घटना, उत्साह उमंग, राष्ट्रभक्ति, आतंकवाद, पर्यावरण सब कुछ जो मनुष्य के जीवन के लिए आवश्यक तत्व है. उसे जीवंत कर दिखाया. कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से राधा-कृष्ण केंद्रित पर्यावरण स्वच्छता की चिंता भी दिखाई.
हिंदी लघु नाट्य प्रतियोगिता के कलाकारों ने रंग यात्रा निकाली कलाकारों को खूब सराहा गया
आतंकवाद और भारत में अमन शांति की आवश्यकता के संदर्भ में भी प्रस्तुति हुई. वहीं, धनबाद के कलानिकेतन की प्रस्तुति में एसिड अटैक पीड़िता को दिखाया गया. उसका चेहरा देखकर कोई भी सन्न रह जाता बड़ी ही बारीकी से कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन भी किया. रंग यात्रा के दौरान कलाकारों के प्रदर्शन को स्थानीय लोगों ने खूब सराहा.
'हमें अपना प्यारा भारत चाहिए'
धनबाद की कलाकार काव्या श्रेष्ठा ने बताया कि बताया कि कला के माध्यम से समाज के लोगों को संदेश देना है कि जिस तरह से महिलाओं पर अत्याचार बढ़ रहे हैं. उस पर तत्काल रोक लगाने की जरूरत है. साथ ही सरकार को कड़े कानून के साथ-साथ दोषियों को फांसी की सजा देना चाहिए. वहीं महाराष्ट्र कलाकार का कहना था कि अब हमें देश में आतंकवाद और नक्सलवाद नहीं चाहिए. सिर्फ और सिर्फ चाहिए तो हमें अपना प्यारा भारत चाहिए.