पूर्णिया: बिहार के पूर्णिया में महिला की आत्महत्या (Woman Commits Suicide In purnea) का मामला सामने आया है. सहायक थाना क्षेत्र के बाड़ी हाट में बैंक के समूह का लोन लेकर महिला उस पैसे को चुका नहीं सकी और आखिरकार उसने जान दे दी. परिजनों का आरोप है कि बैंक कर्मियों ने धमकी दी थी कि 'कहीं से भी बैेंक का रुपया चुकाओ.' बैंककर्मियों ने उसे इतना जलील किया कि उसने खुदकुशी कर ली. मृतक महिला की पहचान गीता देवी के रूप में हुई है.
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कर्ज में डूबी महिला ने की खुदकुशी: मृतक के पति राजू साह और बेटी बबली ने बताया कि गीता देवी ने प्राइवेट बैंक से समूह लोन ले लिया था. इस लोन के कारण वह बुरी तरह बोझ में दब गई थी. बताया जाता है कि वह कई लोगों के घरों में झाड़ू पोछा कर अपने घर को संभालती थी. वहीं उसका पति भी मजदूर कर घर में ही रहता था. वहीं उसका पति मजदूरी का काम करता है. इन लोगों की आमदनी इतनी भी नहीं थी कि वह बैंक से लिए लोन को समय पर चुकता कर सकें.
पैसे नहीं चुकाने के बाद बैंककर्मियों ने किया जलील: जब वह महिला उस बैंक के लोन को समय पर चुका नहीं सकी. बैंककर्मी वहां उसके घर के पास रात के समय में पहुंच गए और समाज के सामने उन लोगों को काफी जलील किया. इस तनाव को वह झेल नहीं पाई और उसने अपनी जान दे दी. पति एवं बेटी का आरोप है कि बैंक वालों से वजह से गीता देवी की जान गई है आइए सुनते हैं क्या कहते हैं मृतिका के पति एवं उनकी बेटी क्या बताती है
"जब मां ने पैसा चुका पाने में असमर्थता जताई, उसी समय बैंक कर्मियों ने उसे जलील करते हुए कहा कि जहर खाकर मर जाओ, शरीर बेचकर पैसा बैंक को वापस करो. इसी टेंशन की वजह से गीता देवी ने समाज के सामने बेइज्जती की डर से मर गई" - मृतक की बेटी
बैंककर्मियों पर लगाए परिजनों ने आरोप: मृतक के परिजनों का कहना है कि जब महिला ने पैसा चुका पाने में असमर्थता जताई, उसी समय बैंक कर्मियों ने उसे जलील करते हुए कहा कि जहर खाकर मर जाओ, शरीर बेचकर पैसा बैंक वापस करो. इसी टेंशन की वजह से गीता देवी ने समाज के सामने बेइज्जती की डर से जिंदगी ही समाप्त कर ली.