पटनाः नालंदा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के बाहर एक कोरोना संक्रमित व्यक्ति की तड़प-तड़प कर मौत हो गयी. लेकिन उसे भर्ती नहीं लिया गया. जानकर हैरानी होगी कि उसी दौरान स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय नालंदा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल का जायजा ले रहे थे. मरीज रिटायर्ड आर्मी जवान थे. एनएमसीएच में इस लापरवाही से पहले उन्हें एम्स में लापरवाही झेलनी पड़ी थी. सोमवार रात को ही परिजन उन्हें एम्स ले गए. काफी देर बाद बताया गया कि बेड नहीं है. काफी उम्मीद से वे एनएमसीएच पहुंचे थे. लेकिन भर्ती नहीं लिए जाने के कारण उनकी मौत हो गयी.
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डेढ़ घंटे से कड़ी धूप में एंबुलेंस में तड़पते रहे पिताजी
'लखीसराय से कल रात को एम्स लेकर पहुंचे थे. वहां बेड नहीं था. इसलिए एनएमसीएच पहुंचे. अस्पताल के बाहर एम्बुलेंस करीब डेढ़ घंटे से कड़ी धूप में खड़ी रही. मैं डॉक्टरों से अस्पताल में भर्ती करने के लिए गुहार लगा रहा था. किसी भी डॉक्टर पिताजी को एडमिट नहीं किया. जिसके कारण उनकी मौत अस्पताल के बाहर तड़प-तड़प कर हो गई,'-अभिमन्यू कुमार, मृतक के पुत्र
एनएमसीएच की लापरवाही आयी सामने
जिस दौरान स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय NMCH का निरीक्षण कर रहे थे. उसी दौरान NMCH अस्पताल की घोर लापरवाही से एक कोरोना मरीज की तड़प-तड़प कर मौत हो गई. बेटा अपने पिता को भर्ती कराने की गुहार लगाता रहा, लेकिन किसी ने भी उसकी नहीं सुनी.
बता दें कि पटना के अगमकुआं स्थित एनएमसीएच में लगातार कोरोना संक्रमितों की मौत से अस्पताल परिसर में हड़कंप मचा हुआ है. परिजन लापरवाही का आरोप भी लगाते रहे हैं. लापरवाही का सबूत देती घटना मंगलवार को घटी.