पटना: बिहार की 5 विधानसभा और एक लोकसभा सीट के लिए होने वाले उपचुनाव को लेकर प्रचार अभियान थम चुका है. प्रचार अभियान के आखिरी दिन सभी दलों ने जोरदार हुंकार भरी. वहीं, सभी जगह आदर्श आचार संहिता और धारा 144 लागू कर दी गई है.
बिहार की समस्तीपुर लोकसभा सीट के साथ ही नाथनगर, सिमरी बख्तियारपुर, दरौंदा, बेलहर और किशनगंज विधानसभा सीटों पर 21 अक्टूबर को दिन सोमवार को उपचुनाव के लिए वोटिंग होगी. इसके बाद 24 अक्टूबर को परिणाम घोषित होंगे.
एनडीए और महागठबंधन में जंग
सोमवार को होने वाले उपचुनाव में एनडीए की ओर से जेडीयू ने चार और बीजेपी एक किशनगंज विधान सभा सीट पर अपना प्रत्याशी खड़ा किया है. वहीं, एनडीए की सहयोगी एलजेपी समस्तीपुर लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ रही है. दूसरी ओर महागठबंधन में आरजेडी चार विधानसभा सीटों पर, तो कांग्रेस ने एक विधानसभा सीट के साथ एक लोकसभा सीट पर अपना उम्मीदवार उतारा है.
समस्तीपुर में सुशील मोदी और चिराग पासवान ने भरी हुंकार समस्तीपुर लोकसभा सीट पर उपचुनाव
लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) से सांसद रामचंद्र पासवान के निधन के चलते समस्तीपुर लोकसभा सीट रिक्त हुई है. एनडीए के तहत यह सीट एलजेपी के खाते में आई है. पार्टी ने रामचंद्र पासवान के बेटे प्रिंस राज को यहां से उम्मीदवार बनाया है. तो महागठबंधन की ओर से पुराने प्रत्याशी कांग्रेस के डॉ. अशोक कुमार एक बार फिर ताल ठोंक रहे हैं.
इस सीट पर कुल आठ प्रत्याशी मैदान में हैं.
समस्तीपुर लोकसभा सीट संक्षेप में...
- समस्तीपुर एलजेपी की परंपरागत सीट मानी जाती है.
- रामविलास पासवान 1991 में यहां से सासंद रहे और बाद में उन्होंने यह सीट अपने भाई रामचंद्र पासवान को सौंप दी.
- 2004, 2014 और 2019 में रामचंद्र एलजीपी से जीतकर संसद पहुंचे.
दरौंदा विधानसभा सीट पर उपचुनाव
दरौंदा विधानसभा सीट से जेडीयू विधायक कविता सिंह 2019 में सांसद चुने जाने के बाद विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था. ऐसे में दरौंदा विधानसभा सीट पर उपचुनाव में जेडीयू ने कविता सिंह के पति अजय सिंह को उतारा है. जबकि महागठबंधन की ओर से आरजेडी ने उमेश सिंह पर दांव लगाया है.
आरजेडी को दिख रही जीत की आस...
बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष रणजीत सिंह ने निर्दलीय ताल ठोकर जेडीयू की परेशानी को बढ़ा दी है. रणजीत को जिस तरह बीजेपी नेताओं का खुलकर समर्थन मिल रहा है, इससे आरजेडी को अपनी जीत की उम्मीद नजर आ रही है.
बेलहर सीट पर उपचुनाव
गिरधारी यादव के सांसद बनने के बाद बेलहर सीट रिक्त हुई है. इस विधानसभा सीट पर जेडीयू के लालधारी यादव चुनावी मैदान में उतरे हैं. जो कि सांसद गिरधारी यादव के भाई हैं. जबकि आरजेडी की ओर से पूर्व विधायक रामदेव यादव ताल ठोक रहे हैं. इस तरह से बांका की बेलहर सीट पर यादव बनाम यादव की सियासी जंग हो गई है.
चुनाव प्रचार के दौरान तेजस्वी किशनगंज सीट पर उपचुनाव
किशनगंज से सांसद चुने गए डॉ. जावेद ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया. किशनगंज सीट पर हो रहे उपचुनाव में कांग्रेस ने डॉ. जावेद की मां सईदा बानो को उम्मीदवार बनाया है. जबकि एनडीए की ओर से बीजेपी ने स्वीटी सिंह पर तीसरी बार भरोसा जताया है. वहीं, एआईएमआईएम ने कमरुल हुदा को चुनावी दंगल में उतारकर कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी है.
सिमरी बख्तियारपुर में उपचुनाव
दिनेश चंद्र यादव के सांसद बनने से इस सीट पर विधानसभा का उप चुनाव हो रहा है. यहां से जेडीयू ने पूर्व विधायक अरुण यादव को उतारा है. जबकि आरजेडी ने जफर आलम को उतारा है. यहां जेडीयू और आरजेडी की सीधी लड़ाई है.
सीपीआई उम्मीदवार के लिए नाथनगर पहुंचे कन्हैया कुमार नाथनगर सीट पर उपचुनाव
नाथनगर विधानसभा सीट पर जेडीयू से लक्ष्मीकांत मंडल मैदान में हैं. आरजेडी ने राबिया खातुन को चुनावी मैदान में उतारा है. दूसरी ओर जीतनराम मांझी ने अपनी पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मार्चा से अजय राय पर दांव खेलकर आरजेडी की मुसीबत बढ़ा दी है. हालांकि, तेजस्वी यादव ने लोहिया जयंती के दौरान इसे फ्रेंडली फाइट फाइट बताया था.
प्रचार के लिए पहुंचे कन्हैया कुमार...
भागलपुर में नाथनगर उपचुनाव के आखिरी दिन सीपीआई नेता कन्हैया कुमार ने एक जनसभा को संबोधित किया. मंच स्थल तक आने के दौरान एक झलक पाने के लिए युवाओं की हुजूम उमड़ पड़ा. जब कन्हैया मंचासीन हुए तो उनके निशाने पर सरकार रही. कबीर के दोहे से अपनी बात को समाप्त करते हुए कहा कन्हैया ने कहा कि उनके पास खोने के लिए कुछ नहीं है. लेकिन नफरत के बजाय प्यार बांटने से सामाजिक समरसता बढ़ती है. मौजूद समय में हर तरफ नफरत की बू आ रही है.