नई दिल्ली/पटनाः बिहार महागठबंधन में मुख्यमंत्री उम्मीदवार को लेकर जबरदस्त सियासी झगड़ा चल रहा है, आरजेडी ने ऐलान तो कर दिया है कि तेजस्वी यादव ही महागठबंधन के सीएम कैंडिडेट होंगे. लेकिन महागठबंधन के अन्य दल इससे सहमत नहीं हैं. महागठबंधन के दल आरजेडी को चेतावनी दे रहे हैं कि जल्द एक कोआर्डिनेशन कमेटी बनाइए, जिसमें सर्वसम्मति से तय हो सके कि सीएम कैंडिडेट कौन होगा और ऐसा नहीं होगा तो महागठबंधन के दल थर्ड फ्रंट बनाएंगे.
'नीतीश कुमार का विकल्प नहीं'
पूरे मामले पर एनडीए के तरफ से जेडीयू के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि बिहार में NDA और नीतीश कुमार का कोई भी वैचारिक और संगठनात्मक विकल्प नहीं है. उन्होंने कहा कि महागठबंधन में जितने भी दल हैं, वह सब पराजित, थके हुए लोग हैं, सत्ता सुख के लिए यह लोग महागठबंधन बनाए हुए हैं, जो अब बिखरने के कगार पर है.
बयान देते जेडीयू के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव केसी त्यागी 'आरजेडी में पारिवारिक घमासान है'
केसी त्यागी ने कहा कि आरजेडी के अंदर पारिवारिक घमासान मचा हुआ है और नई पीढ़ी और पुरानी पीढ़ी के बीच जंग चल रही है. उन्होंने कहा कि महागठबंधन में जीतन राम मांझी (हम प्रमुख), उपेंद्र कुशवाहा (रालोसपा), मुकेश साहनी (वीआईपी) लगातार आरजेडी को तंग कर रहे हैं, कांग्रेस तो पूरे देश में सिमट कर रह गई है. महागठबंधन के दलों की स्थिति बहुत ही खराब है. आरजेडी सत्ता सुख अकेले चाहती है इसलिए वह महागठबंधन के अन्य दलों को तवज्जो नहीं दे रही है.
'लालू चाहते हैं सत्ता सिर्फ उन्हीं के पास रहे'
आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव हमेशा से चाहते रहे हैं कि सत्ता सिर्फ उन्हीं के पास रहे. केसी त्यागी ने कहा कि महागठबंधन में झगड़ा चलता रहेगा, उनको जनता से कोई मतलब नहीं है, हम लोग बिहार विधानसभा चुनाव में फिर से जीत हासिल करेंगे और एनडीए 220 सीटों पर जीतेगा.
बता दें कि बिहार महागठबंधन में राजद, कांग्रेस, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी, विकासशील इंसान पार्टी और लोकतांत्रिक जनता दल है. सीएम कैंडिडेट को लेकर महागठबंधन में घमासान मचा हुआ है.