पटना: नागालैंड में इस बार बीजेपी की गठबंधन वाली सरकार फिर से बनी है. नागालैंड की बीजेपी गठबंधन वाली सरकार को नागालैंड जदयू इकाई की तरफ से बिना शर्त समर्थन दिया गया है. नागालैंड जदयू के प्रदेश अध्यक्ष ने समर्थन का लेटर दिया है. इसको लेकर अब जदयू नेतृत्व की तरफ से बड़ी कार्रवाई की (JDU dissolves Nagaland unit) गई है. बता दें कि नागालैंड में सभी दलों ने सरकार का समर्थन किया है. विपक्ष में एक भी दल शामिल नहीं है.
Bihar Politics: केंद्रीय नेतृत्व की सहमति के बिना भाजपा को समर्थन दिए जाने पर जदयू ने भंग की नागालैंड इकाई - JDU dissolves Nagaland unit
नागालैंड के एकमात्र जदयू विधायक ने बिना नीतीश कुमार की सहमति के बीजेपी गठबंधन वाली सरकार को बिना शर्त समर्थन दे दिया है. नागालैंड जदयू के प्रदेश अध्यक्ष ने समर्थन का लेटर दिया है. इसको लेकर अब जदयू नेतृत्व की तरफ से बड़ी कार्रवाई (JDU dissolves Nagaland unit) की गई है.
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अनुशासनहीनता का आरोपः नागालैंड प्रभारी और जदयू के महासचिव अफाक अहमद खान ने एक लेटर जारी किया है जिसमें कहा गया है कि जदयू का केंद्रीय नेतृत्व नागालैंड स्टेट प्रेसिडेंट की ओर से बिना शर्त समर्थन का लेटर नागालैंड मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो को दिए जाने को अनुशासनहीनता मानता है. इसको लेकर नागालैंड स्टेट कमिटी को भंग करने का फैसला लिया गया है. नागालैंड में जदयू ने इस बार 8 से अधिक सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जिसमें से एक सीट पर जदयू को जीत मिली है.
जदयू को झटकाः नागालैंड के त्सेमिन्यु विधानसभा क्षेत्र से जदयू के ज्वेंगा सेब ने जीत हासिल की है. नागालैंड में जदयू को उम्मीद थी 6% वोट प्राप्त हो जाएगा जिससे पार्टी को राज्यस्तरीय पार्टी का दर्जा मिल जाएगा. चुनाव से पहले चिराग पासवान ने बड़ा झटका दिया था. रिजल्ट के बाद पार्टी को उम्मीद के अनुरूप सफलता नहीं मिली और अब एकमात्र जीते विधायक ने बिना नीतीश कुमार की सहमति के बीजेपी गठबंधन वाली सरकार को समर्थन देकर बड़ा झटका दिया है. लेकिन जदयू नेतृत्व ने प्रदेश नेतृत्व के फैसले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की है.