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पटना: पैतृक गांव में होगा पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा का अंतिम संस्कार - बिहार में शोक की लहर

पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा का पार्थिव शरीर आज दोपहर दिल्ली से पटना लाया जाएगा. उनका अंतिम संस्कार सुपौल जिले में उनके पैतृक गांव बलुआ बाजार में बुधवार को राजकीय सम्‍मान के साथ किया जाएगा

पैतृक गांव में होगा जगन्नाथ मिश्रा का अंतिम संस्कार

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Published : Aug 20, 2019, 7:54 AM IST

पटना: बिहार के पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव सुपौल जिले के बलुआ में होगा. सोमवार की सुबह दिल्ली में उनका निधन हो गया. वो लंबे समय से बीमार चल रहे थे. मिश्रा का पार्थिव शरीर आज दोपहर दिल्ली से पटना लाया जाएगा और लोगों के अंतिम दर्शन के लिए शव को रखा जाएगा.

बुधवार को राजकीय सम्‍मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर जगन्नाथ मिश्र का सोमवार को दिल्ली में निधन हो गया. वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे. वे तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके थे. उनके निधन से पूरे बिहार में शोक की लहर व्याप्त है. उनका अंतिम संस्कार सुपौल जिले में उनके पैतृक गांव बलुआ बाजार में बुधवार को राजकीय सम्‍मान के साथ किया जाएगा.

पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा का पार्थिव शरीर आज दोपहर दिल्ली से पटना लाया जाएगा

बिहार में तीन दिनों का राजकीय शोक
पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र ने दिल्ली के द्वारका स्थित अपने आवास (नीलांचल अपार्टमेंट) में अंतिम सांस ली. उनके निधन की खबर सुनकर कई नेता उनके आवास पहुंचे और शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने डॉक्टर जगन्नाथ मिश्र के निधन पर गहरा शोक जताया है. बिहार में तीन दिनों का राजकीय शोक घोषित किया गया है. राज्यपाल फागू चौहान ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें एक कुशल प्रशासक, संवेदनशील राजनेता और अर्थशास्त्र का विद्वान अध्यापक बताया.

बुधवार को राजकीय सम्‍मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

तीन बार मुख्यमंत्री रहे डॉ. मिश्र
डॉक्टर जगन्नाथ मिश्र भारतीय राजनेता और बिहार के तीन पार मुख्यमंत्री रह चुके थे. उन्होंने कॉलेज के प्रोफेसर के रूप में अपना कॅरियर शुरू किया था. बाद में वे बिहार विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर बने थे. उनके बड़े भाई, ललित नारायण मिश्र राजनीति में थे और देश के रेल मंत्री रहे थे. डॉ. मिश्र विश्वविद्याल में पढ़ाने के दौरान ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हो गए थे. वे 1975 में पहली बार मुख्यमंत्री बने. दूसरी बार उन्हें 1980 में उन्‍हें कमान सौंपी गई. आखिरी बार 1989 से 1990 तक वे बिहार के मुख्यमंत्री रहे. वे 90 के दशक के में केंद्रीय कैबिनेट में मंत्री भी रहे.

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