मसौढ़ी: कृषि कानून के खिलाफ लगातार आंदोलन जारी है. मसौढ़ी में विरोध मार्च और प्रधानमंत्री का पुतला भी दहन किया गया. भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने कृषि बिल को वापस लेने की मांग करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.
भाकपा माले का विरोध
मसौढ़ी में विरोध मार्च के साथ-साथ प्रधानमंत्री का पुतला दहन भी किया गया. मसौढ़ी रेलवे गुमटी के तीन मुहानी के पास भाकपा माले के द्वारा प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया गया. प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के कृषि बिल वापस लेने की मांग की है.
मसौढ़ी में किसान बिल के खिलाफ पुतला दहन किसानों के समर्थन में देश की जनता
आंदोलनकारियों ने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार देश के किसानों को गुलाम बनाने पर तुली हुई है. लेकिन देश के अन्नदाता अपने अधिकार की लड़ाई के लिए लड़ रहे हैं. और इसमें देश की जनता किसानों के खाथ खड़ी है.
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति दे
आंदोलनकारियों ने कहा कि पूरे देश की मेहनतकश जनता किसानों के आंदोलन के साथ खड़ी है. मोदी सरकार किसानों पर अत्याचार करना बंद कर, उनका अधिकार वापस करे नहीं तो आंदोलन और तेज होगा. आन्दोलनकारी किसानों को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति दें और सम्मानजनक वार्ता कर किसान विरोधी तीनों कानून वापस ले. नहीं तो किसानों का शाहीनबाग के तर्ज पर आन्दोलन तेज होगा.
इस कार्यक्रम में भाकपा माले जिला कमेटी सदस्य कमलेश कुमार, किसान नेता बटेश्वर यादव, नेता कपिल पासवान, ऐपवा नेता कांति देवी, युवा नेता दिलीप चौधरी, दिनेश , आशीष ठाकुर सहित दर्जनों लोग मौजूद रहें.