पटना: कोरोना की दूसरी लहर ने राज्य में तबाही मचा रखी है. प्रदेश में कुल एक्टिव संक्रमितों की संख्या एक लाख से ज्यादा हो चुकी है. संक्रमण रोकने के लिए सरकार ने अबतक चार बार पाबंदियां लागू की लेकिन उसका नतीजा कुछ नहीं निकला रहा है. राज्य के अंदर संक्रमण बेतरतीब तरीके से बढ़ रहा है. सरकार के संसाधनों पर दबाव इतना ज्यादा है कि आम जनता त्राहिमाम कर रही है. ऐसे में सरकार के सहयोगी दलों के नेताओं में अभी भी लॉकडाउन को लेकर कंफ्यूजन में है. वहीं प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री का दावा है कि सरकार स्थिति पर नजर बनाये हुए हैं.
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रिकॉर्ड मरीज हो रहे संक्रमित
प्रदेश में हर रोज 12000 से ज्यादा नये संक्रमित केस सामने आ रहे हैं. सरकार के पास अस्पताल में ना तो इतने बेड हैं, ना ही ऑक्सीजन है. संक्रमित मरीजों का सहीं ढंग से इलाज नहीं हो पा रहा है. पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 13,534 नये मामले सामने आये हैं. जबकि 97 लोगों की मौत हुई है. एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 1,09,945 हो चुकी है. अब तक कुल 3,84,955 मरीज ठीक हुए हैं. कोरोना मरीजों का रिकवरी दर बढ़कर 77.36 फीसदी है. राजधानी पटना अभी भी कोरोना संक्रमण के लिहाज से सर्वाधिक संवदेनशील बनी हुई है. रविवार को पटना में 2748 संक्रमितों की पुष्टि हुई है.
4 बार पाबंदी की गई लागू
राज्य के अंदर संक्रमण की रफ्तार पर ब्रेक लगाने के लिए पिछले 1 महीने के दौरान सरकार ने 4 बार पाबंदियां लगाई लेकिन उसका नतीजा सामने नहीं आया और संक्रमण की रफ्तार में ब्रेक नहीं लग रहा है. संक्रमण की रफ्तार से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है. सरकार बेबस नजर आ रही है. किसी तरीके से चार बार सख्ती के आदेश निकाले गए लेकिन उसका फायदा कुछ नहीं निकला.