कैमूर: जिले के चांद प्रखंड के कुड़डी पंचायत के बरांव गांव वार्ड 11 में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. यहां 2016 के पंचायत चुनाव में गुलाबी देवी की जगह विजेता गुड़िया देवी को बना दिया गया. इसका खुलासा तब हुआ जब हारी हुई प्रत्याशी के पास चुनाव आयोग की ओर से कागजात पहुंचने लगे और उन्हें चुनाव का विजेता बताया गया.
रिकॉर्ड्स में दर्ज नाम गुलाबी देवी
गुलाबी देवी ने बताया कि उन्हें सरकारी काम से पटना से फोन आया कि वह जीती हुई प्रत्याशी हैं. उन्होंने बताया कि उन्हें जानकारी मिली कि सभी सरकारी कागजात और यहां तक की पंचायत चुनाव के सभी रिकॉर्ड में उन्हीं के नाम और मोबाइल नंबर हैं. उन्होंने कहा कि यही नहीं, स्टेट इलेक्शन कमीशन के सारे रिकॉर्ड्स में विजेता का नाम, पता, मोबाइल नंबर उनका है. जबकि फोटो गुड़िया देवी का लगा है.
'तत्कालीन डीएम से की थी शिकायत'
ऐसे में पंचायत चुनाव में जिला प्रशासन की ओर से लापरवाही साफ झलक रही हैं. गुलाबी देवी ने बताया कि उन्हें 1 साल पहले पता चला कि वो जीती हुई उम्मीदवार हैं और सारे सरकारी रिकॉर्ड में उन्हीं का नाम हैं. जिसके बाद उन्होंने तत्कालीन डीएम और चुनाव आयोग से शिकायत भी की. लेकिन, अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.
गुड़िया देवी ने भी किया जीत का दावा
वहीं, दूसरी तरफ वर्तमान में कार्यरत वार्ड सदस्य गुड़िया देवी का दावा है कि उन्हें प्रमाणपत्र उन्हीं के नाम से जीतने के बाद दिया गया. उन्होंने कहा कि तब के तत्कालीन निर्वाचन पदाधिकारी कृष्णा कुमार ने उन्हें सर्टिफिकेट दिया था. अगर चुनाव हार जाती तो प्रमाण पत्र कैसे मिलता. उन्होंने दावा करते हुए कहा कि चुनाव वह जीती थी, जिसके बाद उन्हें प्रमाणपत्र दिया गया है.