पटना:बीपीएससी के प्रारंभिक परीक्षा के पेपर लीक मामले में बिहार के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने एक अजीबोगरीब बयान (Vijay Choudhary on BPSC Paper Leak ) दिया है. बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्न पेपर लीक को उन्होंने 'हल्का सा पेपर लीक' (Halka sa papaer leak) बताया. साथ ही, उनसे जब सवाल पूछा गया कि बीपीएससी की परीक्षा रद्द होने के कारण 6 लाख से भी ज्यादा परीक्षार्थियों को मानसिक प्रताड़ना से गुजारना पड़ रहा है तो इस पर उन्होंने उल्टा सवाल पूछा कि आखिर परीक्षार्थियों को किस बात की मानसिक प्रताड़ना हुई?
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''क्या मानसिक प्रताड़ना हुई ? जो परीक्षा में प्रश्नपत्र लिया वायरल होने की बात आई और परीक्षा रद्द कर दी गई इससे मानसिक प्रताड़ना हो गई? परीक्षा का पेपर लीक होता और परीक्षा रद्द नहीं होती तो क्या सभी लोग प्रसन्न होते हैं. परीक्षा रद्द होने से जो भी सही परीक्षार्थी हैं, वह खुश होंगे कि प्रश्नपत्र लीक होने की बात आई तो सरकार ने परीक्षा रद्द कर दी. इससे किसी को क्या प्रताड़ना हुई ?'' - विजय कुमार चौधरी, शिक्षा मंत्री, बिहार
क्या बोले बिहार के शिक्षा मंत्री? :बिहार के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि, परीक्षा तुरंत रद्द करना जीरो टॉलरेंस की बात है. परीक्षा में पारदर्शिता हो और किसी को कोई शक न हो, इसके लिए तुरंत ही परीक्षा रद्द कर दी गई. इस प्रश्न पत्र लीक से किसको फायदा मिला, यह किसी को नहीं पता. उन्होंने कहा कि बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा पिछले कुछ वर्षों में जितनी पारदर्शिता से परीक्षा ली गई है, उसकी विश्वसनीयता की चर्चा पूरे देश में है, न सिर्फ बिहार में. इस बार परीक्षा रद्द होना भी इसका प्रमाण है. बीपीएससी प्रश्न पत्र लीक मामले को लेकर कमेटी बनाई गई और परीक्षा को तत्काल रद्द कर दिया गया.