गया: बिहार के गया के एक शख्स ने पर्यावरण के लिए अपना सब कुछ समर्पित (Environment Lover Gaya Green Man Sikander) कर दिया. उसने जो भी कमाया इसी में लगा दिया. परिवार तक की सुध नहीं रखी. आज यह शख्स और इसका परिवार मुफलिसी की जिंदगी जी रहा है किंतु उसने जो काम कर दिखाया है, वह किसी विरले के वश की ही बात है. ब्रह्मयोनी और उसके आसपास के बंजर भूमि में सिकंदर ने हजारों पेड़ उगा दिए (Sikandar Grew Thousands of Trees in Gaya) हैं. कभी बंजर कहे जाने वाले इस जगह में अब हरियाली दिखते ही बनती है.
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बंजर भूमि पर हजारों पेड़ लगाए:ब्रह्मयोनि और उसके आसपास के इलाके को बंजर भूमि कहा जाता है. किंतु गया के टिलहा धर्मशाला के रहने वाले दिलीप कुमार सिकंदर ने इस बंजर भूमि पर पेड़ लगाकर हरियाली ला दी है. इस इलाके में दिलीप कुमार सिकंदर ने हजारों पेड़ लगाए हैं और पिछले 30 सालों से यह अनवरत जारी है. आज इनकी पहचान गया कि ग्रीन मैन के रूप में की जाती है.
शहीदों के नाम पर लगाते हैं पेड़:ग्रीन मैन सिकंदर शहीदों को पेड़-पौधे लगा कर अनोखी श्रद्धांजलि देता हैं. सिकंदर का देशभक्ति का जज्बा भी अनूठा है. देश के लिए शहीद होने वाले जवानों को पेड़ लगाकर श्रद्धांजलि देतें हैं. शहीदों और महापुरुषों के नाम लिखी तख्तियां भी पेड़ के पास लगाते हैं. पुलवामा, उड़ी में शहीद हुए जवानों को भी उन्होंने इसी रूप में श्रद्धांजलि दी है. पिछले 30 सालों की जिंदगी पेड़ लगाने में ही इन्होंने गुजार दिए हैं.
30 साल से लगा रहे हैं पेड़:सिकंदर की दिनचर्या पिछले 30 साल से ऐसी है जिसे जानकर हर कोई दंग रह जाता है. वह सुबह उठते ही घर के पास रहे प्रसिद्ध रामसागर तालाब पर पहुंचते हैं और यहां बिना किसी शुल्क के रोज यहां पेड़-पौधों और बगीचों में पानी देते हैं. उसे सजाते और संवारते हैं. इसके बाद वह ब्रह्मयोनि वाले इलाके में पहुंचते हैं और वहां रोजाना कई पौधों को लगाते हैं. पहले से लगाए गए पौधों में पानी भी रोज ही देता है और उन्हें संरक्षित करते है. पिछले 30 सालों में उसने अपना अधिकांश समय पेड़ों पहाड़ों पर ही गुजार दिए.