वाराणसी : वाराणसी में रोपवे परियोजना पर तेजी से काम हो रहा है. रोपवे के संचालन से पहले इस परियोजना के बारे में लोगों तक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए बकायदा रोपवे के केबिन लोगों के सेल्फी प्वाइंट के लिए तैयार किया गया है. लोग केबिन के साथ सेल्फी ले रहे हैं और इस परियोजना के बारे में जानकारी हासिल कर रहे हैं. बनारस में आठ अलग-अलग जगहों पर यह केबिन लगाया जाएगा और लोग इसके बारे में जानकारी हासिल करेंगे. वर्तमान में इसे वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर लगाया गया है. यह केबिन पूरी तरीके से काशी के रंग में रंगा हुआ नजर आ रहा है. यह देश का पहला पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे होगा. ऐसे में वाराणसी में रोपवे के संचालन से पर्यटन के क्षेत्र में एक नई क्रांति आएगी. काशी में आने वाले अपने देश के साथ ही विदेश के भी पर्यटक इसका लुत्फ उठा सकेंगे.
परियोजना के तहत हुए काम :परियोजना के तहत वाराणसी में पांच धाम बनने के बाद अब रोपवे का काम तेजी से पूरा किया जा रहा है. इसका लगभग 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है. विद्यापीठ और रथयात्रा स्टेशन का काम भी पूरा हो चुका है. अब जहां पर इक्विपमेंट रखे जाने हैं उसका काम किया जा रहा है. इसके अलावा वाराणसी मे रोपवे के संचालन के लिए कुल 29 टॉवर बनाए जाने हैं. इनमें से 28 का काम पूरा हो चुका है. यह पूरा प्रोजेक्ट 807 करोड़ रुपये का है. इसमें 5 रोपवे स्टेशन, 29 रोपवे टॉवर बनाए जाने का काम निर्धारित किया गया है. ऐसे में रोपवे के प्रोजेक्ट टीम ने एक रोपवे के काम को काफी तेजी से पूरा करने का लक्ष्य रखा है.
विदेशी पर्यटकों को भी लुभा रहा रोपवे प्रोजेक्ट : वाराणसी में रोपवे प्रोजेक्ट के पूरा होने और उसके संचालन से पहले रोपवे की केबिन लाकर रख दी गई है. इस रोपवे की केबिन को शहर के आठ स्थानों पर लगाया जा रहा है. इसका लक्ष्य है कि इस केबिन के माध्यम से वाराणसी में आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों सहित स्थानीय लोग भी इसके बारे में जान सकें. इसके लिए बाकायदा सेल्फी प्वाइंट भी तैयार किया गया है. इससे विदेशी सैलानी भी सेल्फी लेने के बाद अपने यहां पर इसके बारे में जानकारी देंगे. इससे विदेशी पर्यटकों के आने की संख्या में इजाफा हो सकता है. इस केबिन के साथ विदेशी पर्यटक भी खूब सेल्फी ले रहे हैं. लोग इस प्रोजेक्ट के पूरा होने और शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं.
रोपवे केबिन की खासियत :केबिन पर बाकायदा मंदिर व घाट की डिजाइन तैयार की गई है. इसकी खासियत यह भी है कि यह केबिन सोलर पैनल के जरिए संचालित होगा. इसमें भगवान शिव का भजन भी सुनाई देगा. रात में यह और भी खूबसूरत नजर आएगा जब इसमें रंग-बिरंगी लाइटें जलेंगी. इस केबिन की बात करें तो इसमें आठ लोगों के बैठने की व्यवस्था है. रोपवे परियोजना की शुरुआत होने पर लोग इसके माध्यम से आसमान से काशी का दीदार कर सकेंगे. यहां सेल्फी लेने आए लोग भी खासा उत्साहित नजर आते हैं. उनका कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि काशी में उन्हें रोपवे देखने को मिलेगा. लोग इस केबिन के देखने के लिए बड़ी मात्रा में आ रहे हैं.