जबलपुर: प्रयागराज में चले महाकुंभ में रिकॉर्डतोड़ श्रद्धालु पहंचे. प्रयागराज को जोड़ने वाले मध्यप्रदेश से गुजरे नेशनल हाईवे पर एक माह के दौरान वाहनों की रेलमपेल मची रही. नेशनल हाईवे के अधिकारियों का कहना है कि केवल फरवरी महीने में 15 लाख से ज्यादा यात्री वाहन जबलपुर से होकर प्रयागराज के लिए गए.
यूपी सरकार का दावा- कुंभ में 66 करोड़ ने लगाई डुबकी
बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने एक आंकड़ा जारी किया है, जिसमें बताया जा रहा है कि लगभग 66 करोड़ लोगों ने कुंभ में डुबकी लगाई. भले ही एक नजर में यह संख्या कुछ ज्यादा लगे लेकिन इसकी गवाही मध्यप्रदेश के हाईवे भी दे रहे हैं. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया के अधिकारी अमृत लाल साहूने बताया "फरवरी महीने में जबलपुर के सिहोरा तहसील में नेशनल हाईवे पर लगे टोल बूथ से रोज 46000 PCU वाहन गुजरे. इसमें कार, बस और पैसेंजर यूटिलिटी के दूसरे वाहन शामिल हैं. यह संख्या टोल नाके से गुजरे कुल वाहनों का औसत है. मतलब 1 महीने में केवल जबलपुर के सिहोरा टोल बूथ से 13 लाख गाड़ियां प्रयागराज के लिए गईं."
हाईवे पर वाहनों की संख्या 10 गुना तक बढ़ी
बता दें कि सामान्य तौर से सिहोरा की इस सड़क से 5 से 6 हजार वहां रोज गुजरते हैं लेकिन कुंभ के दौरान यह संख्या 10 गुनी हो गई. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया के अधिकारी अमृतलाल साहू ने बताया "इस टोल बूथ पर एक कार के पास होने पर₹120 का टोल लगता है. इसके अनुसार टोल संचालित करने वाले ठेकेदार की जेब में केवल एक महीने में रोज लगभग 50 लाख रुपए से ज्यादा का टोल आया और एक माह में लगभग 15 करोड़ रुपये ठेकेदार ने श्रद्धालुओं से कमाए. हालांकि कुंभ के दौरान जाम ना लगे, इसकी वजह से बड़े पैमाने पर गाड़ियों को बिना टोल दिए भी गुजारा गया."
इन राज्यों के श्रद्धालु जबलपुर से गुजरे
जबलपुर से गुजरने वाले वाहनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना के अलावा मध्य प्रदेश के कई इलाकों के लोग शामिल थे. इनमें से बहुत से लोग तो ऐसे थे जो पहली बार इस सड़क से गुजर रहे थे. जबलपुर में जब से यह नेशनल हाईवे बना है, अब तक इस पर लंबा जाम भी नहीं लगा था लेकिन इस बार प्रयागराज से शुरू होकर जाम जबलपुर तक पहुंच गया. इसकी वजह से लोगों को भारी परेशानी का सामना भी करना पड़ा. वहीं दूसरी तरफ पूरे कुंभ के दौरान सड़क पर कई रोड एक्सीडेंट हुए.