लखनऊ :प्राविधिक शिक्षा परिषद (TEC) ने फार्मेसी कॉलेजों के सत्र को सही समय पर लाने के लिए इस साल नए कॉलेजों की मान्यता पर रोक लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है. यह प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है, जिस पर अगले महीने बैठक कर मंजूरी दी जाएगी. मंजूरी मिलने के बाद, शैक्षणिक सत्र 2025-26 में नए फार्मेसी कॉलेजों को NOC नहीं मिलेगा और नए कॉलेजों की मान्यता प्रक्रिया 2026-27 से शुरू की जाएगी. परिषद के अधिकारियों का कहना है कि पिछले दो सालों से प्रदेश के 2400 से अधिक फार्मेसी कॉलेजों में सत्र में विलंब हो रहा है.
2 सालों से NOC के कारण लेट हो रहा फार्मेसी कॉलेजों का सत्र :प्राविधिक शिक्षा परिषद के सचिव अजीत कुमार मिश्रा ने बताया कि नए फार्मेसी कॉलेज को हर साल 1 से 31 जनवरी तक मान्यता के लिए आवेदन करना होता है. आवेदन वेरिफिकेशन के बाद सरकार एनओसी जारी करती है फिर एनओसी पीसीआई को भेजी जाती है. पीसीआई सभी संस्थानों का वेरिफिकेशन करने के बाद उन्हें शैक्षिक सत्र शुरू करने के लिए एनओसी देता है. सचिव ने बताया पिछले 2 सालों से पीसीआई नवंबर तक एनओसी जारी कर रहा है जिससे शैक्षणिक सत्र में देरी हो रही. यही कारण है कि 2024-25 का सत्र 3 जनवरी 2025 से शुरू हो पाया है.
इसी समस्या को देखते हुए परिषद ने प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा को एक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें नए कॉलेजों की मान्यता प्रक्रिया को समयबद्ध करने का आग्रह किया गया है. अगले सत्र से फार्मेसी कॉलेज की सभी प्रक्रियाएं तय टाइम टेबल के अनुसार आयोजित की जाएंगी.
फार्मेसी कॉलेज के लिए तय होगी समय सीमा :प्राविधिक शिक्षा परिषद के सचिव अजीत कुमार मिश्रा ने बताया कि प्रस्ताव में फार्मेसी कॉलेज की मान्यता, शैक्षिक सत्र की शुरुआत, काउंसलिंग प्रक्रिया और पहली क्लास कब से शुरू होगी, इसको लेकर गाइडलाइन तैयार की जा रही. नए प्रस्ताव में फार्मेसी कॉलेजों का शैक्षिक सत्र 31 जुलाई से शुरू करने का प्रस्ताव है.