नई दिल्ली/नोएडा:साइबर ठगी की बढ़ती घटनाओं के बीच, एक साल में पुलिस ने 168 ठगों को गिरफ्तार कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. इस अभियान में पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने विभिन्न प्रकार की ठगियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है, जिससे सैकड़ों पीड़ितों को राहत मिली है.
साइबर ठगी की घटनाएं और पुलिस की पहल
साइबर ठगी, जिसमें लोगों को फर्जी वेबसाइटों, निवेश के नाम पर ठगी, और डिजिटल अरेस्ट जैसी तकनीकों से धोखा दिया जाता है, के मामलों में वृद्धि देखने को मिली है. डीसीपी साइबर क्राइम प्रीति यादव ने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है, जो समाज के विभिन्न वर्गों में जागरूकता फैलाने का काम कर रही है. यह टीम स्कूलों, विश्वविद्यालयों और सोसायटियों में जाकर लोगों को साइबर ठगी के प्रति जागरूक करती है.
ठगों की गिरफ्तारी और रिकवरी
पिछले दो वर्षों में, पुलिस ने देश के विभिन्न राज्यों से 168 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है. इन ठगों के खिलाफ दर्ज मामलों में 20 करोड़ 86 लाख 57 हजार 850 रुपये की धनराशि को फ्रिज कर पीड़ितों को लौटाया जा रहा है. गिरफ्तार किए गए ठगों में से कुछ महत्वपूर्ण मामले इस प्रकार हैं:
- जुलाई 2024 में नैनीताल बैंक के सर्वर को एक्सेस करके 16 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी में 2 ठगों की गिरफ्तारी.
- रेलवे के एक बड़े अधिकारी से 52.5 लाख रुपये की ठगी करने वाले 6 ठगों की गिरफ्तारी.
- एक डॉक्टर से 1.05 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले 4 ठगों की गिरफ्तारी.
- एक वरिष्ठ इंजीनियर को 9 करोड़ 90 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाने वाले 3 ठगों की गिरफ्तारी.