नई दिल्ली: भारत के युवा शतरंज खिलाड़ी डी गुकेश ने 18 साल की उम्र में सबसे कम उम्र के विश्व शतरंज चैंपियन बनकर इतिहास रच दिया है. गूगल ने उनकी जीत के लिए एक शानदार डूडल बनाकर ऐतिहासिक पल का जश्न मनाया. भारतीय ग्रैंडमास्टर द्वारा पिछले चैंपियन डिंग लिरेन को हराने के बाद गूगल ने अपने डूडल में शतरंज के मोहरों को उनके खास रंगों - पीले, लाल, नीले और सफेद रंग में दिखाया.
इस डूडल पर क्लिक करने पर उपयोगकर्ता 'शतरंज का जश्न' पेज पर पहुंच जाते हैं. इस मुकाबले में कई रिकॉर्ड टूटे हैं. विश्व चैंपियनशिप 2024 के 138 वर्षों में पहली बार था कि एशिया के दो प्रतियोगी भाग ले रहे थे. इनमें पूर्व विश्व चैंपियन डिंग लिरेन और भारत के चैलेंजर डोमराजू गुकेश शामिल थे. गुकेश से पहले रूस के ग्रैंडमास्टर गैरी कास्पारोव 1985 में 22 वर्ष की आयु में खिताब जीतने वाले सबसे कम उम्र के विश्व शतरंज चैंपियन थे.
18 वर्षीय गुकेश तीसरे सबसे कम उम्र के ग्रैंडमास्टर भी हैं. दिग्गज विश्वनाथन आनंद के बाद वह यह टूर्नामेंट जीतने वाले दूसरे भारतीय भी बने हैं. इसके साथ ही वो दुनिया के18वें खिलाड़ी हैं, जो विश्व शतरंज चैंपियन बने हैं.
विश्व शतरंज चैंपियनशिप का फाइनल मैच जो ड्रॉ की ओर बढ़ रहा था. उसमें चीनी ग्रैंड मास्टर ने सफेद मोहरों से मुकाबला शुरू करके बढ़त हासिल की थी. हालांकि, डिंग ने 53वीं चाल में एक गलती की जिसने गुकेश की जीत का रास्ता साफ कर दिया. यह कड़ा मुकाबला चार घंटे तक चला और दर्शकों को इसने बांधे रखा. जीत के बाद गुकेश ने ₹11.45 करोड़ जीते हैं. जबकि डिंग को ₹9.75 करोड़ की राशि पुरस्कार में मिलेगी.
18वें विश्व शतरंज चैंपियन बनने की अपनी जीत पर विचार करते हुए गुकेश ने कहा कि, मैं पिछले 10 सालों से इस पल का सपना देख रहा था. उस सपने को हकीकत में बदलना अविश्वसनीय लगता है. मुझे जीत की उम्मीद नहीं थी और यह पल मेरे लिए सब कुछ है'.