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हो गया खुलासा! लुटेरों ने ऐसे मंगलुरु कोटेकर बैंक में डकैती की बनाई योजना, 4 गिरफ्तार, 18 किलो सोना जब्त - MANGALURU KOTEKAR BANK ROBBERY

पुलिस टीम ने 3 दिनों में मुंबई से तमिलनाडु और तमिलनाडु से मंगलुरु तक 2,700 किलोमीटर की यात्रा की.

karnataka bank robbery
मंगलुरु बैंक लूट कांड को लेकर पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई (ETV Bharat)

By ETV Bharat Hindi Team

Published : Jan 27, 2025, 11:05 PM IST

मंगलुरु:कर्नाटक के मंगलुरु कोटेकर बैंक डकैती कांड में बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस जांच में पता चला है कि, लुटेरों ने उस समय डकैती की योजना बनाई थी, जब स्थानीय लोग मुस्लिम बहुल केसी रोड पर शुक्रवार की नमाज के लिए जा रहे थे. मंगलुरु शहर के पुलिस आयुक्त अनुपम अग्रवाल ने कोटेकर व्यवसायी सेवा सहकारी बैंक डकैती मामले की जांच के बारे में जानकारी दी है.

मंगलुरु कोटेकर बैंक डकैती कांड, बड़ा खुलासा
सोमवार को एक मीडिया कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए, मंगलुरु शहर के पुलिस आयुक्त अनुपम अग्रवाल ने कहा कि,कोटेकर बैंक डकैती मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और 18 किलो 314 ग्राम सोना, 3 लाख 80 हजार 500 रुपये नकद, 2 पिस्तौल, 3 जिंदा गोलियां और एक फिएट कार जब्त की गई है. अधिकारी ने बताया कि लूट में सीधे तौर पर शामिल कन्नन मणि, मुरुगंडी थेवर, योसुवा राजेंद्रन और चोरी का सोना छिपाने वाले मुरुगंडी थेवर के पिता शनमुगसुंदरम को गिरफ्तार कर लिया गया है.

17 जनवरी की घटना
17 जनवरी को दोपहर करीब डेढ़ बजे चार नकाबपोश बदमाशों का एक समूह बैंक में घुस आए थे. वे पिस्तौल और हथियारों से लैस थे. उन्होंने बैंक से करीब 18 किलो से ज्यादा सोना और 10 लाख से ज्यादा नकदी लूट ली. उसके तुरंत बाद ही उल्लाल पुलिस इंस्पेक्टर और एसीपी धन्या नायक ने जांच शुरू की. इस संबंध में उल्लाल पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है.

कर्नाटक की दूसरी सबसे बड़ी बैंक डकैती
पुलिस आयुक्त ने बताया कि, यह बैंक डकैती कर्नाटक की दूसरी सबसे बड़ी बैंक डकैती है. शुरुआत में आरोपियों के बारे में कोई सुराग नहीं मिला. क्योंकि उस दिन बैंक का सीसीटीवी ठीक किया जा रहा था. पुलिस को डकैती से जुड़ा कोई फुटेज नहीं मिला. इस चुनौती के साथ पुलिस ने मामले की जांच की. एसीपी धन्या नाइक, साउथ सब-डिवीजन और एसीपी क्राइम ब्रांच मनोज के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई. शुरुआत में, यह पता लगाने की कोशिश की कि लूट के दौरान ग्राउंड फ्लोर पर खड़ी कार कहां से आई और उसमें कौन था. शुरू में पता चला कि कार में इस्तेमाल की गई नंबर प्लेट फर्जी थी. पुलिस ने सभी टोल और सीसीटीवी खंगाले.

पुलिस ने कैसे अपराधियों को धर दबोचा
पुलिस आयुक्त ने बताया कि, देर रात पुलिस को पता चला कि एक ही कार हेजामडी टोल और सुरथकल पेट्रोल बंक से गुजरी थी. पुलिस ने जांच के बाद पेट्रोल पंप पर उसी कार की फुटेज मिली. इससे कार की पहचान करने में मदद मिली. उस समय, आरोपियों ने कार का पंजीकरण संख्या KN से MH में बदल दी थी. इसलिए पुलिस को पता था कि यह कार शुरू में मुंबई से चली थी. बाद में जांच के दौरान, पुलिस को शिरुर गेट के पास असली नंबर प्लेट मिली.

आरोपी फरार लेकिन पुलिस ने पीछा नहीं छोड़ा
पुलिस टीम जांच को आगे बढ़ाते हुए तुरंत मुंबई के लिए रवाना हुई. यहां पुलिस को आरोपी कन्नन मणि और मुरुगंडी के बारे में कुछ जानकारी मिली. पुलिस टीमों ने बहुत मेहनत की. कई टीमों ने एक ही समय में कई जगहों पर काम किया. एक टीम मुंबई में थी. उन्होंने बताया कि जांच के लिए तीन-चार टीमें तमिलनाडु गई थी. वहीं, दो आरोपी केरल के रास्ते तमिलनाडु भाग गए थे. तीन आरोपी ट्रेन से मुंबई से फरार हुए थे.

अपराधी फिर से मुंबई से तमिलनाडु भागने की कोशिश की थी. पुलिस ने उसी समय उनका पीछा किया. पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम A1 मुरुगंडी के एक साथी कन्नन मणि को तिरुवनंतपुरम से गिरफ्तार करने में सफल रही. जांच के दौरान पुलिस को मुख्य साजिशकर्ता मुरुगंडी के बारे में और जानकारी मिली. उन्होंने कहा कि फिर से, तिरुवनंतपुरम के पास कई टीमें तैनात की गईं. आरोपियों को गिरफ्तार करने से ज्यादा जरूरी सोना जब्त करना था.

18.3 किलोग्राम सोना जब्त
पुलिस आयुक्त ने कहा, आरोपियों ने पुलिस को सोने का एक छोटा बैग देकर गुमराह करने की कोशिश की. छोटे बैग में 2 किलो सोना था. उसके आधार पर, पुलिस ने आगे की जांच शुरू की. साथ ही आरोपियों से और पूछताछ की. वे कहां गए? उनके साथ कौन था? आखिरकार, पुलिस ने सोने का एक बड़ा हिस्सा बरामद करने में सफलता पाई. अपराधियों द्वारा लूट 16 किलो से अधिक सोना जब्त किया गया.

कुल मिलाकर पुलिस ने 18.3 किलोग्राम सोना बरामद कर लिया है. पुलिस ने बताया कि, बैंक डकैती में11 लाख रुपये की नकदी चोरी हो गई थी. जिसमें से, 3.8 लाख रुपये की नकदी बरामद किया गया है.

पुलिस ने जांच के दौरान 2,700 किलोमीटर की यात्रा की
जांच रिकॉर्ड के अनुसार, पुलिस टीम ने 3 दिनों में मुंबई से तमिलनाडु और तमिलनाडु से मंगलुरु तक 2,700 किलोमीटर की यात्रा की. इस डकैती कांड की जांच के लिए कई टीमों में एक समय में चार से पांच निरीक्षक थे. इसके अलावा, कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने कड़ी मेहनत की. पुलिस आयुक्त ने इसके लिए पूरी टीम की प्रशंसा की.

6 महीने पहले बनाई थी योजना
पुलिस आयुक्त ने बताया कि, 6 महीने पहले शशि थेवर नाम के एक स्थानीय व्यक्ति ने आरोपियों को इस बैंक डकैती के बारे में जानकारी दी थी. आरोपियों ने बताया कि उसने (शशि) उनसे संपर्क किया था और बताया था कि यहां एक सहकारी बैंक है. वे वहां आसानी से लूट कर सकते हैं.

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