भोपाल: भोपाल के यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के जहरीले कचरे को इंदौर के पास पीथमपुर की एक फैक्ट्री में जलाने की हरी झंडी मिल गई है. गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस जहरीले कचरे को नष्ट करने पर लगी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए रोक लगाने से इंकार कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है "याचिका लगाने वालों का पक्ष मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने सुन लिया है. सुप्रीम कोर्ट इस मामले में अब सुनवाई नहीं करेगा. क्योंकि हाई कोर्ट मामले की निगरानी ठीक तरीके से कर रहा है. इसलिए हमें इस विवादित आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं दिखता."
सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान क्या हुआ
सूत्रों के अनुसार सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच में जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस एजी मसीह ने मामले की सुनवाई की. इस दौरान अधिवक्ता देवदत्त कामत ने बताया "हाईकोर्ट ने कचरा निपटान के पूरे मुद्दे पर विचार करने के लिए 15 तकनीकी सदस्यों वाली एक टास्क फोर्स समिति गठित की है. साल 2013 और 2015 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दो परीक्षण किए गए जो सफल रहे.". वहीं, भोपाल गैस कांड पीड़ितों के हितों के लिए काम करने वाले संगठने दलील दी कि विचाराधीन प्लांट में जहरीली गैसों को ध्यान में नहीं रखा गया है. उन्होंने कचरे के निष्पादन के लिए और भी उपाय बताए हैं. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सलाह दी कि ये उपाय मध्यप्रदेश हाईकोर्ट और सरकार के सामने रखे.
इंदौर संभाग आयुक्त दीपक सिंह (ETV BHARAT) पहले चरण में 10 टन कचरे का होगा निष्पादन
पीथमपुर सेक्टर 2 में स्थित रामकी ग्रुप की पीथमपुर वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी में यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे को हाईकोर्ट के आदेश के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच कचरा जलाने की शुरुआत करने की तैयारी प्रशासन से शुरू कर दी है. बता दें कि हाई कोर्ट के आदेश के मुताबिक 27 फरवरी को पीथमपुर स्थित प्लांट पर भोपाल गैस कांड का जहरीला कचरा जलाने का ट्रायल होना है. जानकारी के अनुसार आज तैयारी पूरी कर ली गई गई. 28 फरवरी से कचरा जलाने का ट्रायल होगा. 3 चरणों में 10 टन कचरा निष्पादन होना है. फैक्ट्री में कचरा जलाने का दूसरा ट्रायल 4 मार्च और तीसरा 12 मार्च से शुरू होगा.
पीथमपुर में ही जलेगा यूनियन कार्बाइड का कचरा (ETV BHARAT) कोर्ट के निर्देश के अनुसार कल से होगा ट्रायल
इंदौर संभाग आयुक्त दीपक सिंह ने बताया "पहले चरण में करीब 10 टन कचरे का निष्पादन किया जाएगा. कोर्ट के निर्देशों के आधार पर कचरा निष्पादन प्रक्रिया कल से शुरू की जाएगी. सबसे पहले 12 कंटेनरों से कचरा बाहर निकाला जाएगा और उसके बाद कचरे को मिक्स करने की प्रक्रिया शुरू होगी. इसके बाद कचरे को जलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. इस पूरी प्रक्रिया में वह खुद उपस्थित रहेंगे, साथ ही आईजी अनुराग भी प्लांट में मौजूद रहेंगे."
जहरीला कचरा जलाने के लिए प्रशासन व पुलिस तैनात
बता दें कि सभी की नजरें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी थीं. जहरीले कचरे को जलाने के विरोध में कुछ दिनों पहले काफी हंगामा हुआ था और फिर 4 दिन तक आंदोलन चला. दो लोगों ने आत्मदाह की कोशिश की थी. स्थानीय लोगों का कहना था कि इस जहरीले कचरे को जलाने से यहां की आबोहवा जहरीली हो जाएगी. लोगों के रोष को देखते हुए राज्य सरकार ने फैसले को टाल दिया था.